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Vishkshetra Sanrakshanam Multistarrer Raj Comics Set 01 2016 (विषक्षेत्र संरक्षणम् सर्वनायक विस्तार श्रृंखला मल्टीस्टारर राज कॉमिक्स सेट ०१ २०१६)

सर्वनायक विस्तार श्रृंखला मल्टीस्टारर राज कॉमिक्स सेट ०१ २०१६ 
सर्वनायक विस्तार श्रृंखला बहुत ही मजेदार श्रृंखला है क्यूंकि एक तो इनकी घटनाएं सर्वनायक श्रृंखला से जुडी हुई हैं और दूसरी इसमें पुराने हीरोज के कॉम्बिनेशन के साथ नए हीरोज और विल्लैंस को एक दूसरे से उलझते हुए दिखाया है मतलब कोई भी विलेन अब किसी पर्टिकुलर हीरो का कॉपीराइट नहीं रहा वो किसी भी शहर में किसी भी हीरो से उलझ रहा है।  जैसे डोगा लड़ रहा है पिरामिड के मम्मीज़ से।  अश्वराज और गोजो का टीम अप चल रहा है।  सौडांगी एंड कंपनी करनवशी और थोडांगा से उलझ गए हैं। वेदाचार्य और फेसलेस अपना ताना बाना बुन रहे हैं जो अभी क्लियर नहीं है।  ये सब तो साइड की कहानियां हैं मेन लड़ाई चल रही है नागराज और नगदंत के बीच नागरानी के आयाम में। 

परिकल्पना : नितिन मिश्रा 
लेखक : अनुराग कुमार सिंह 
चित्रांकन : हेमंत कुमार 
स्याहिकार : विनोद कुमार , ईश्वर आर्ट्स , स्वाति चौधरी 
रंगसंयोजन : सुनील दस्तूरिया, मोहन प्रभु 
शब्दांकन : नीरू, मंदार 
सम्पादक : मनीष गुप्ता 

Sarvkraanti Multistarrer Raj Comics Set 01 2016 (सर्वक्रान्ति मल्टीस्टारर राज कॉमिक्स सेट ०१ २०१६ )

सर्वनायक सीरीज का सातवां पार्ट है सर्वक्रान्ति।  कहानी तो इतनी लम्बी हो गयी है की जब तक पिछले पार्ट न पढ़ो कुछ समझ में नहीं आने वाला।  विस्तृत ब्रह्माण्ड रक्षक और बहुत सारे महाखलनायक सर्वमन्थन शुरू कर चुके हैं और भेड़िया और अश्वराज हिमालय पे संजीवनी बूटी तलाश करने चल दिए हैं।  और कई बाधाओं को पार करते हुए एक संजीवनी बूटी ले आता है जिससे योद्धा और डोगा को होाश में लाया जाता है।  और फिर डोगा और योद्धा अगले राउंड में प्राका को हासिल करने चल देते हैं।  साथ ही साथ पृथ्वी पे भी छोटी मोटी लड़ाई जारी है जैसे चंडकाल और त्रिफना का एंगल जुड़ गया है ।  

लेखक : नितिन मिश्रा
चित्रांकन : सुशांत पांडा, हमनत कुमार
स्याहिकार :  कुमार, ईश्वर आर्ट्स, स्वाति चौधरी
रंगसज्जा : बसंत पांडा, भक्त रंजन
शब्दांकन : नीरू, मंदार
:सम्पादक : मनीष गुप्ता 

Maut Ka Bajigar Raj Comics Set 02 2016 (मौत का बाजीगर राज कॉमिक्स सेट ०२ २०१६)

मौत का बाजीगर
यह श्रृंखला बहुत ही रोमांचक होती जा रही है, सस्पेंस अच्छा मेन्टेन कर रखा है।  पहले तो लग रहा था कि आतंकहर्ता नागराज का मरने के बाद किसी तरह से फिर ज़िंदा हो उठा है लेकिन यहाँ तो खेल कुछ और ही है। जो नागराज मरा था वो भी वापस आ गया है और एक और नागराज की कहानी तो चल ही रही थी। सब समय धाराओं का खेल  लग रहा है, कई चैप्टर एक साथ चल रहे हैं , अभी कुछ क्लियर नहीं कहा जा सकता। नागराज के जन्म के भी दो एंगल एक साथ दिखा रहे हैंजो कहानी को और मजेदार बना रहा है, एक कहानी में बता रहे हैं की नागपाशा तक्षक नगर की महारानी यानि नागराज की माँ को देव कालजयी की पूजा करने से रोकना चाहता है और दूसरी में बताते हैं की तक्षक राज महारानी को रोकना चाहता है। 

मजे  की बात यह है की नए विलेन/ कैरक्टर्स के साथ साथ पुराने विलेन्स और साइड कैरक्टर्स को भी देखने को मिल रहा है जो इस श्रृंखला को और भी मजेदार बना रहा है।

लेखक : नितिन मिश्रा
चित्रांकन : हेमंत कुमार
स्याहिकार : विनोद कुमार, ईश्वर आर्ट्स, स्वाति
रंग सज्जा : भक्त रंजन, सुनील दस्तूरिया
कैलीग्राफी : नीरू, मंदार
सम्पादक : मनीष गुप्ता